धूमनगंज थाना क्षेत्र के गौसपुर कटहुला के पास रविवार मुठभेड़ में घायल दोनों बदमाश बेहद शातिर हैं. दोनों ई-रिक्शा के सहारे ये चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे. किसी को इन पर शक न हो, इसलिए एक चालक और दूसरा सवारी बनता था. ये दोनों अपने पास दो-तीन झोले भी रखते थे, ताकि पीछे बैठा व्यक्ति सवारी लगे और किसी को शक भी न हो. इसी कारण से कभी लोगों को इन पर संदेह नहीं होता था और यह पुलिस की पकड़ में भी नहीं आते थे.

ये दोनों दिन में जिस घर के बाहर ये ताला देखते थे, उसकी शाम तक रेकी किया करते थे. शाम होते ही ई-रिक्शा यहां लेकर पहुंच जाते थे और उसी घर के ठीक सामने रुक जाते थे. ई-रिक्शा की बैटरी आदि उपकरण खोलने लगते थे. अगर कोई पूछता कि क्या हुआ तो दोनों जवाब देते थे कि ई-रिक्शा खराब होने का बहाना बनाते थे और बना रहें हैं. यह सुनकर लोग चले जाते थे. इसके बाद कोई इनकी तरफ ध्यान भी नहीं देता था. देर रात ये चेारी की घटना इन घरों में करते थे.

जिन घरों में ये चोरी करते थे, उस घर के दरवाजे पर लगे ताले को बहुत सफाई के साथ तोड़ते थे. घर के अन्दर से सारा सामान समेटने के बाद जब ये बाहर निकलते तो ताले को बड़ी सफाई के साथ बंद कर देते थे, ताकि दूसरे दिन सुबह आसपास के लोगों को चोरी की जानकारी न हो सके. जब भवन स्वामी लौटता और ताले को खोलने की कोशिश करता तब पता चलता कि यह टूटा हुआ है और घर में चोरी हो चुकी है.

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