प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर चौड़ीकरण कार्य के दौरान शनिवार को एक तीन मंजिला मकान भरभराकर ढह गया. हालांकि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन एक परिवार की पूरी गृहस्थी मलबे में दबकर नष्ट हो गई. पूरा परिवार पूस की रात में सड़क़ पर आ गया.

पीड़ित परिवार के मुताबिक उसने एक दिन पहले ही अपने मकान के सामने और गड्ढा नहीं करने की बात कही थी. इसके बावजूद सुपरवाइजर ने मकान की नींव तक खुदाई करा दी और नींव में पानी भर जाने से मकान एकाएक बैठ गया. यह मामला पुराना फाफामऊ कस्बे का है.

मलाका से फाफामऊ गंगापुल तक फोर लेन का कार्य चल रहा है. सड़क़ की चौड़ाई बढ़ जाने से सडक़ किनारे बने तमाम मकानों को तोडक़र हटाया गया और सडक़ की चौड़ाई बढ़ाई गई. मौजूदा समय में पुराना फाफामऊ में सड़क किनारे के मकानों को तोड़ा जा रहा है. इसी में शारदा प्रसाद का भी मकान शामिल है. फाफामऊ चौकी पर पुलिस को दिए प्रार्थनापत्र में शारदा प्रसाद ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए दो माह पहले चिन्हांकन किया गया था. उक्त चिन्हांकन के अनुसार ही उसने दो बार अपना मकान तोड़वाया और उसे बनवाया. तीन दिन पहले ठेकेदार की ओर से उसके मकान के ठीक सामने जेसीबी मशीन से गड्ढा किया गया और नाले की खुदाई की जाने लगी. शारदा प्रसाद के मुताबिक काम करने वालों ने उसके मकान के सामने खुदाई की और गड्ढा बंद किए बिना चले गए. इससे वहां पानी भर गया. उसी के ठीक बगल गड्ढा खोदकर बिजली का पोल भी लगाया गया.

शारदा के मुताबिक गड्ढे में पानी भर जाने की शिकायत उसने सुपरवाइजर आनंद सिंह से की और आगे खुदाई नहीं करने को कहा. इसके बावजूद सुपरवाइजर ने जबरन खुदाई कराई, जिससे उनके मकान की नींव हिल गई और शनिवार को दूसरे पहर उनका तीन मंजिला मकान भरभराकर ढह गया, जिसमें उनका बीस लाख रुपये का नुकसान हुआ है.

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