पीएम मोदी ने एक साल पहले 29 दिसंबर 2019 को मन की बात में विकास खंड बहरिया के कादीपुर गांव की आत्मनिर्भर हो रहीं महिलाओं के कार्यों की तारीफ की थी. यहां की महिलाएं स्वयं सहायता से जुड़कर चप्पल बना रही हैं.

जब पीएम मोदी ने इस गांव की महिलाओं के कार्यों का बखान किया था तो उसी समय यह गांव प्रकाश में आया तथा अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक ने समूह की महिलाओं को सम्मानित करते हुए गांव में विकास की गंगा बहाने की बात की थी. एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक कादीपुर गांव में विकास की गंगा तो नही बही लेकिन पहुंचने के लिए अभी भी पुराने टूटे फूटे खड़ंजे, जर्जर तारों से विद्युत आपूर्ति की जा रही है. पानी के लिए बिछाई गई नलकूप की पाइप शोपीस बनी हुई है.

समूह की महिलाओं का कहना है कि प्रधानमंत्री के मन की बात कादीपुर में पहुंची तो यहां के लोग गदगद हो गए थे लेकिन एक वर्ष बाद भी सड़क तथा बिजली की व्यवस्था दुरुस्त न होने से समूह की महिलाओं सहित यहां की जनता भी विकास को लेकर मायूस है. बिजली की आपूर्ति जर्जर तारों के कारण अक्सर बाधित होती रहती है. वहीं घर-घर नल से जल की आपूर्ति के लिए जल निगम द्वारा बनाई गई पानी की टंकी तथा बिछाई गई पाइप लाइन से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है. इस संबंध में ग्राम प्रधान केशव प्रसाद ने बताया कि बजट के आभाव में इंटरलॉकिंग नहीं कराई जा सकी. कई बार मार्ग को लेकर अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक अवगत कराया गया, फिर भी समस्या का निदान नहीं हो सका. जलापूर्ति के लिए जलनिगम के उच्चाधिकारियों से कहा गया तो उन लोगों ने कहा कि पास के सोपरावारी गांव में पाइप लाइन बिछ जाने के बाद ही आपूर्ति संभव है. इस संबंध में खंड विकास अधिकारी दिव्‍या सिंह का कहना है कि बजट के अभाव में इंटरलॉकिंग नहीं कराया जा सका. जल्द ही क्षेत्र पंचायत निधि से इंटरलॉकिंग व नाली बनवाई जाएगी.

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