भगवान राम की अयोध्या की इस बार की दिवाली होगी ऐतिहासिक, सरयू के किनारे सजाए गए लाखों दिए

भगवान राम की नगरी अयोध्या इस बार ऐतिहासिक दीपावली के लिए सज-धजकर तैयार हो रही है। इस साल 500 साल के बाद रामजन्मभूमि स्थल पर दीये जलाए जाएंगे। अयोध्या में दीपोत्सव का मुख्य कार्यक्रम इस बार छोटी दीपावली पर 13 नवंबर को होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ खुद श्रीरामजन्मभूमि पहुंचकर रामलला के दर्शन करेंगे और वहां दीप प्रज्ज्वलित करेंगे। पूरे शहर में दीपोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर है। 13 नवंबर को होने वाले दीपोत्सव के मौके पर 5 लाख से ज्यादा दीये जलाए जाएंगे। पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी ने कहा कि कोरोना नहीं होता तो करोड़ों लोग इस कार्यक्रम में हिस्सा लेते। दीपोत्सव का मुख्य कार्यक्रम राम की पैड़ी पर होता है। पिछले 3 सालों से यहां दीपोत्सव का कार्यक्रम हो रहा है। 13 नवंबर को होने वाले दीपोत्सव के कार्यक्रम की तैयारियों का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि जहां तक नजर जाएगी घाट पर सिर्फ दीये ही नजर आएंगे। सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि दीपोत्सव-2020 के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पूरा किया जाना चाहिए। योगी ने कहा कि राम की पैड़ी पर इस बार 5.51 लाख दीप जलाए जाएं। सीएम ने निर्देश दिया कि इस दौरान मठ-मन्दिरों में भजन और रामायण पाठ का आयोजन कराया जाए। अयोध्या की भव्य सजावट की जाए। श्रीरामजन्मभूमि, कनक भवन, राम की पैड़ी, हनुमान गढ़ी सहित सभी मन्दिरों में बिजली की सजावट की जाए। इसी प्रकार पुलों, विद्युत पोल आदि पर बिजली की झालर लगाई जाए। प्रदेश के पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी ने कहा कि रामजन्मभूमि स्थल पर पहली बार ऐसा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जो पिछले 500 सालों से नहीं हुआ था। तिवारी ने कहा कि 500 सालों तक संघर्ष करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार केंद्र सरकार को राम मंदिर निर्माण शुरू करने का आदेश दे दिया। अगर कोरोना नहीं होता तो इस कार्यक्रम में करोड़ों लोग शामिल होते। उन्होंने बताया कि लोग कार्यक्रम स्थल पर न आएं इसके लिए कार्यक्रम के डिजिटल प्रसारण की तैयारी की गई है।

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