प्रयागराज: नैनी के रहने वाले युगांतर त्रिपाठी पेशे से इंजीनियर थे, लेकिन उन्होंने अपने भविष्य के लिए कुछ और ही सोच रखा था. तीन भाइयों में सबसे छोटे युगांतर के पिता रवि प्रकाश त्रिपाठी वर्ष 2017 में छिवकी रेलवे स्टेशन से प्रबंधक पद से रिटायर हुए. बड़े भाई अंशुमान बंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. दूसरे नंबर के देवव्रत मुंबई में भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में वैज्ञानिक हैं. मां मधु त्रिपाठी गृहणी हैं. राजस्थान में जयपुर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में जेई के पद से इस्तीफा दिया और तीसरे प्रयास में ही उन्हें पीसीएस में सफलता हासिल कर ली. पीसीएस 2019 में नैनी के युगान्तर त्रिपाठी को दूसरा स्थान मिला है.

युगांतर ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई यूपी बोर्ड से की. युगांतर ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2004 में नैनी स्थित माधव ज्ञान केंद्र इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और 2006 में श्री रणजीत पंडित इंटर कॉलेज से इंटर की पढ़ाई की. इंटर के बाद उन्होंने यूनाइटेड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड रिसर्च बीटेक किया और राजस्थान में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में जेई के पद पर ज्वाइन कर लिया. एक साल बाद ही 2016 में नौकरी से इस्तीफा देकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए.

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यूपी बोर्ड से पढ़े युगांतर त्रिपाठी लगातार दो बार प्रयास में विफलता मिलने के बाद तीसरे प्रयास में उन्होंने कामयाबी भी हासिल कर ली. यह उनका तीसरा प्रयास था और वह दूसरी बार पीसीएस के इंटरव्यू में शामिल हुए थे. युगांतर ने भले ही बीटेक किया हो, लेकिन पीसीएस मुख्य परीक्षा में उन्होंने अपना वैकल्पिक विषय इतिहास रखा था. सफलता के लिए जरूरी है कि ईमानदारी से मेहनत करें और किताबें अच्छे से पढ़ें. नकारात्मक बातों से दूर रहकर उन्होंने बिना कोचिंग की मदद लिए सफलता हासिल की.

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