स्वरुपरानी अस्पताल में भर्ती हिस्ट्रीशीटर व गैंगरेप के आरोपी गुलशन के भागने में कौशाम्बी में तैनात एक सिपाही की भूमिका सामने आई है. पुलिस ने शनिवार को जांच के बाद आरोपी सिपाही को जेल भेज दिया. हालांकि दोनों सिपाहियों को पहले ही कौशाम्बी के एसपी ने निलंबित कर दिया था. फरार कैदी का अभी तक सुराग नहीं लगा है. उसकी तलाश में कौशाम्बी और प्रयागराज जिले की पुलिस लगी है. सरायअकिल निवासी गुलशन त्रिपाठी (21) फरवरी को कौशाम्बी पुलिस से मुठभेड़ में जख्मी हुआ था. वह गैंगरेप में वांछित आरोपी है. पैर में गोली लगने के बाद उसे स्वरुपरानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 22 फरवरी की रात दो बजे वह बाथरूम की जाली तोड़कर फरार हो गया था. जिसके बाद पुलिस अफसरों ने जांच के बाद ड्यूटी पर लगे सिपाही जितेन्द्र और शोले को निलंबत कर दिया.

कोतवाली इंस्पेक्टर ने बताया कि गुलशन के फरार होने से पूर्व सरायअकील थाने में तैनात पवन कुमार नाम का सिपाही उससे मिलने पहुंचा था. उस वक्त अस्पताल में सिपाही सुभाष और देवेंद्र की तैनाती थी. कोतवाल ने दोनों सिपाहियों से पूछताछ की. पवन कुमार और कैदी गुलशन की पुरानी दोस्ती थी. सिपाही पवन एसआरएन में बिना आदेश के मिलने पहुंचा. इस दौरान उसने किसी से मोबाइल से गुलशन की बात कराने की कोशिश की जिसका सिपाहियों ने विरोध किया था. पुलिस ने कैदी के भागने में मददगार पवन कुमार को आरोपित किया और गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की.

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