प्रयागराजः ललित हत्याकांड में पूर्व विधायक पूजा पाल की मुश्किलें बढ़ीं, CBI करेगी पूछताछ

प्रयागराज: जनपद की बसपा विधायक पूजा पाल समेत सात लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली है. जिले में 5 साल पहले हुए चर्चित सराफा कारोबारी ललित वर्मा हत्याकांड के मामले में सिविल लाइंस थाने के आने वाले बिशप जॉनसन स्कूल के पीछे वाली गली में स्थित घटनास्थल पर बुधवार को सीबीआई की फॉरेंसिक टीम ने सीन को फिर से दोहराया. इस घटना के चश्मदीद और सिविल लाइंस पुलिस की ओर से आरोपी बनाए गए ललित वर्मा के चचेरे भाई विक्रम वर्मा के बयान के आधार पर घटना के सीन को दोहराया. बता दें इस हत्याकांड में सीबीआई मार्च माह पहले पूजा पाल समेत अन्य आरोपियों से पूछताछ कर चुकी है. सीबीआई ने सिविल लाइंस थाने से एफआईआर के कागजात, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना के दस्तावेजों को अपने हैंडओवर लिया है.

दरअसल इस घटना में पुलिस की ओर से आरोपी बनाए गए ललित वर्मा के साथ मौजूद उसके चचेरे भाई विक्रम वर्मा का कहना था कि कार और बाइक से पहुंचे हमलावरों ने पीछे से गोलियां चलाई थी. जिसमें दोनों भाई घायल हो गए जबकि इस प्रकरण की विवेचना कर रही सिविल लाइंस पुलिस ने खुलासे के वक्त कहा था कि सीसीटीवी फुटेज में घटना के वक्त कार कहीं नहीं दिखाई दी. सिर्फ बाइक सवार नजर आ रहे थे. इसी आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने विक्रम वर्मा को आरोपी बनाकर जेल भेजा था.

बता दें धूमनगंज कोतवाली अंतर्गत जयंतीपुर मोहल्ला निवासी विनोद वर्मा का बेटा ललित वर्मा 3 फरवरी 2016 में अपने चचेरे भाई विक्रम वर्मा के साथ बाइक से सिविल लाइन जा रहा था. सिविल लाइंस में बिशप जॉनसन स्कूल के पीछे पंचशील कालोनी वाली गली में ललित वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हमले में विक्रम वर्मा को भी गोली लगी थी.

इस हत्याकांड में ललित वर्मा के पिता विनोद वर्मा ने उस वक्त बताया था कि ललित और पूर्व विधायक पूजा पाल के बीच धूमनगंज के साकेत नगर में एक मार्केट का विवाद चल रहा था. उसी विवाद के चलते उनके बेटे की हत्या कराई गई है. इस हत्याकांड में उन्होंने पूर्व विधायक पूजा पाल और उनके सहयोगी राजेश त्रिपाठी, संदीप यादव, राहुल पाल, दिलीप पाल, मुकेश केशरवानी व पृथ्वीपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. जिन्हें जांच के बाद क्लीन चिट दे दी गई थी.

सूत्रों का कहना है कि सीबीआई इस प्रकरण में आरोपी बनाई गई पूर्व बसपा विधायक पूजा पाल समेत अन्य आरोपियों से दोबारा पूछताछ कर सकती है. इससे पहले सीबीआई ललित वर्मा के पिता विनोद वर्मा, चाचा मान सिंह एवं आरोपी बनाए गए भाई विक्रम वर्मा का बयान दर्ज कर चुकी है. साथ ही तत्कालीन पुलिस अधिकारियों, इंस्पेक्टर और विवेचक से भी पूछताछ कर चुकी है.

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