15 जून की हुई हिंसा में चीन को भारी नुकसान हुआ था:राजनाथ सिंह

आज संसद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत – चीन के बीच चल रहे विवाद पर बयान देते हुए बताया कि चीन अभी भी LAC और आंतरिक सीमा के अंदर बड़ी संख्या में गोलाबरुद और बड़ी संख्या में सैनिक टुकड़ियां तैनात कर रखा है।

बता दें कि चीन के साथ पूर्वी लद्दाख और गोगरा, कोंगका ला और पैंगोग लेक का उत्तरी और दक्षिणी किनारे पर कई गतिरोध वाले इलाक़े हैं। एलएसी में चीन ने अंदरूनी इलाक़ों में बड़ी संख्या में सेना और हथियार तैनात किया हुआ है। हमारी सेना इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेंगी।

उन्होंने ये भी बताया कि चीन की कार्रवाई के जवाब में हमारी सेनाओं ने भी इन क्षेत्रों में जवाबी तैनाती की है ताकि भारत के सुरक्षा हित पूरी तरह सुरक्षित रहें।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, “एलएसी पर तनाव बढ़ता देख दोनों तरफ के सैन्य कमांडरों ने 6 जून 2020 को मीटिंग की। इस बात पर भी सहमत हुए कि एलएसी को स्वीकार किया  जाएगा तथा कोई ऐसी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिससे यथास्थिति बदले।”

इस सहमति का उल्लंघन कर चीन द्वारा एक हिंसक संघर्ष की स्थिति 15 जून को गलवान में पैदा की गई। हमारे बहादुर सिपाहियों ने अपनी जान का बलिदान दिया पर साथ ही चीनी पक्ष को भी भारी क्षति पहुचाई और अपनी सीमा की सुरक्षा में कामयाब रहे.”

हालांकि, उन्होंने ये कहा कि चीन और भारत ने माना है कि सीमा पर शांति बहाल रखी जाएगी। सीमा विवाद एक जटिल मुद्दा है और शांतिपूर्ण बातचीत से ही समाधान निकलेगा।

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