कड़ाधाम थाना क्षेत्र के लेहदरी स्थित गंगा पुल से रविवार दोपहर एक युवक ने अपने चार साल के बेटे को गंगा नदी में फेंक दिया. यह देख एक राहगीर ने पुलिस को सूचना दी तो इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना पर एएसपी समर बहादुर व सीओ सिराथू रामवीर सिंह मौके पर पहुंचे. पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से बालक की खोजबीन कराई. वहीं, आरोपी पिता को हिरासत में लिया गया. बताया जा रहा है कि आरोपी मनोरोगी है. प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर कोतवाली की पुलिस भी गोताखोरों की मदद से बच्चे की खोजबीन कराने में जुटी रहीं. देर शाम तक बालक का पता नहीं चल सका.

कुबरीघाट निवासी मोहर्रम की मानसिक अवस्था ठीक नहीं है. बताया जाता है कि काफी पहले मोहर्रम ने अपने घर व जमीन बेच दिया और पत्नी शायरा बानो व दो बच्चों के साथ पइंसा में रहने लगा. मोहर्रम के दो बेटे क्रमश: वारिस (4) व गिल्लू (2) हैं. आर्थिक तंगी की वजह से दो साल पहले मोहर्रम की मानसिक स्थिति बिगड़ गई.

इसी बीच उसकी पत्नी छोटे बेटे को लेकर अपने मायके रायबरेली जिले के अरखा चली गई. मोहर्रम अपने बेटे वारिस के साथ अकेला पड़ गया. इसी वजह से वह कुछ दिन पहले टेढ़ीमोड़ में अपने पिता के पास रहने चला आया. रविवार दोपहर मोहर्रम बेटे वारिस को लेकर लेहदरी की तरफ गया. इसके बाद उसने वारिस को उठा कर पुल से नीचे गंगा नदी में फेंक दिया. इस दौरान मानिकपुर की तरफ से आ रहे एक राहगीर ने बच्चे को नदी में फेंकते देखा तो उसने देवीगंज में पिकेट ड्यूटी कर रहे सिपाहियों को खबर दी.

घटना की जानकारी के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. सिपाहियों ने मौके पर पहुंचकर मोहर्रम को गिरफ्तार कर लिया. वहीं, जानकारी पर एएसपी समर बहादुर, सीओ रामवीर सिंह, इंस्पेक्टर बृजेंद्र सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में वारिस की खोजबीन कराई, लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिली. उधर, प्रतापगढ़ जिले की मानिकपुर पुलिस भी वारिस की खोजबीन कराने में जुटी है.

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