प्रयागराज में खतरे के निशान के पार हुई गंगा

प्रयागराज में गंगा-यमुना की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर पड़ी है, लेकिन जलस्तर का बढ़ना अभी भी जारी है. प्रयागराज के फाफामऊ में गंगा नदी 4 सेमी और छतनाग में 3 सेमी की रफ्तार से बढ़ रही है. तो वहीं नैनी में यमुना 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है. उफनाई गंगा ने मंगलवार की रात 2019 की बाढ़ का रिकार्ड तोड़ दिया है.

अब पानी शहरी आबादी की सड़कों और गलियों में घुसने लगा है. इसी के साथ यमुना का जलस्तर भी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर चला गया. इससे अब तक कछार की तीन दर्जन से अधिक कॉलोनियां और बस्तियां जलमग्न हो चुकी हैं. इससे बड़ी संख्या में लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं.

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। प्रशासन ने खतरे को देखते हुए बिजली काटवा दी है. ऐसे में लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रह है. किसी तरह से लोग पानी अपने नात रिश्तेदारों के यहां से नाव से मंगाकर पी रहे हैं. मूलभूत सुविधाओं का लगातार अभाव बना हुआ है. बाढ़ से प्रभावित तकरीबन 10,000 लोग प्रयागराज शहर के 110 शरणालयों में शरण लिए हुए हैं और 6000 से ज्यादा घर बाढ़ की चपेट में हैं

देर शाम अरैल में बांध रोड पर बाढ़ का पानी हिलोरें मारने लगा. रात आठ बजे तक गंगा दो सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ती रही, लेकिन यमुना स्थिर हो गई. गंगा में बाढ़ का यही हाल रहा तो बुधवार तक तटीय इलाकों में स्थिति और चिंताजनक हो जाएगी.

गंगा-यमुना का जलस्तर

  • खतरे का निशान: 84.73 मीटर
  • वर्ष 2019 का उच्चतम बाढ़ बिंदु: 85.79 मीटर

गंगा:

  • फाफामऊ  -85.82मीटर
  • छतनाग -84.04 मीटर

यमुनाः

  • नैनी- 85.68 मीटर

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