Ganga water reached Hanuman temple lying on the dam in Prayagraj

संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्‍तर लगातार बढ़ रहा है. गुरुवार दोपहर 2 बजे गंगा का पानी त्रिवेणी बांध स्थित लेटे हनुमान मंदिर तक पहुंच गया है. ऐसी मान्‍यता है कि बरसात के दिनों में हर वर्ष गंगा का पानी हनुमान जी को स्‍नान करने पहुंचता है, पर इस बार थोड़ा जल्दी ही आ गईं. मंदिर में मां गंगा के प्रवेश के साथ ही साथ घंटा-घड़ियाल और शंखनाद की ध्वनि के बीच जयकारे लगने लगे. गंगा का जलस्‍तर प्रयागराज में करीब 5 सेमी बढ़ रहा है.

गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर एक दिन के ठहराव के बाद फिर बढ़ने लगा है. बुधवार की सुबह धौलपुर बैराज से चंबल नदी में 17.81 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया तो प्रयागराज में अलर्ट कर दिया गया है. पानी अगले तीन दिनों में यहां आएगा तो मुश्किल पैदा कर सकता है. इसके मद्देनजर जिला प्रशासन बचाव की तैयारी में जुटा है. वहीं एनडीआरएफ को भी बुला लिया गया है.

ऐसी है मान्यताः

लेटे हनुमान मंदिर में जैसे ही गंगा का पानी भीतर प्रवेश करता है, वैसे ही हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है. इसके बाद मंदिर के कपाट को बंद कर दिया जाता है. गंगा का पानी वापस लौट जाने के बाद ही कपाट खोले जाते हैं. इसके बाद मंदिर की साफ-सफाई की जाती है. इसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना के बाद आम दर्शनार्थियों के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाते हैं.

पुराना है इतिहासः

इतिहास में दर्ज बातों पर गौर किया जाए तो यह मंदिर सन 1787 में बनवाया गया था. मंदिर के अंदर तकरीबन 20 फुट लंबी हनुमान जी की लेटी हुई मूर्ति हैं. इस मूर्ति के पास ही श्री राम और लक्ष्मण जी की भी मूर्तियां हैं. संगम के किनारे बने इस मंदिर की आस्था दूर-दूर से भक्तों को यहां खींच लाती है.

प्रयागराज में जलस्तरः

  • फाफामऊ : 81.39 मीटर
  • छतनाग :80.60 मीटर
  • नैनी : 81.22 मीटर

खतरे का निशान: 84.73 मीटर

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