प्रयागराज स्थित जीआरपी लाइंस में एक जीआरपी के जवान ने खुद को गोली मारकर हत्या कर ली. इस घटना से हड़कंप मच गया. गोली चलने के आवाज पर आसपास के बैरकों में रहने वाले सिपाही और अधिकारी पहुंच गए. सूचना पाकर अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। घटना के संबंध में. कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है. बताया जाता है कि आत्महत्या करने वाले सिपाही की वर्तमान में तनाती कानपुर में है.

मांडा निवासी 39 वर्षीय चिंतामणि 2005 बैच का सिपाही था. 2019 में फतेहपुर जिले से उसका जीआरपी में ट्रांसफर हो गया. कानपुर जीआरपी में उसकी तैनाती थी. 18 सितंबर को उसकी अजमेर सियालदा में एस्कार्ट में ड्यूटी थी. वह ट्रेन लेकर 19 सितंबर की सुबह मुगलसराय पहुंचा. 20 सितंबर को उसे कालका मेल से कानपुर पहुंचना था लेकिन सोमवार सुबह वह ड्यूटी पर नहीं था. बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे वह प्रयागराज जीआरपी के पुलिस लाइन में था.

वह बैरक में अपना बैग रखकर किसी से फोन पर बात कर रहा था. फोन पर ही उसकी नोकझोंक शुरू हो गई. इसके बाद वह टॉयलेट चला गया गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया. पुलिसवालों के अनुसार उसने सरकारी पिस्टल से दाहिनी कनपटी पर गोली मार ली. गोली उसके बाईं कनपटी से बाहर निकल गई. गोली की आवाज सुनकर वहां पुलिसकर्मियों का जमावड़ा लग गया. पुलिस अफसरों को सूचना देकर टॉयलेट का का दरवाजा तोड़कर साथी पुलिस वालों ने उसे बाहर निकाला गया. बाथरूम के अंदर उसकी पिस्टल पड़ी थी. वह खून से लथपथ पड़ा थ. आनन फानन में एसपी जीआरपी सिद्धार्थ मीणा समेत अन्य अफसर पहुंच गए. चिंतामणि को एसआरएन ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

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