फ्रांस से खरीदे गए पांच रफ़ाल लड़ाकू विमानों का पहला खेप गुरुवार को सवेरे 10 बजे औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना में शामिल किया जाएगा। इन पांचो लड़ाकू विमानों को वायु सेना के 17वीं स्क्वाड्रन में शामिल किया जाएगा जिसे ‘गोल्डन एरोज़’ भी कहा जाता है। इसके लिए वायु सेना के अंबाला स्टेशन पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वायुसेना के अंबाला स्टेशन पर इसके लिए ख़ास समारोह का आयोजन किया गया है। जिसमें भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांसीसी रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली शामिल होंगे। इस मौके पर चीफ़ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ़ जनरल बिपिन रावत, वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल भदौरिया और डीआरडीओ के चैयरमैन भी शामिल होंगे।

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ चल रहे सीमा को देखते हुए भारतीय सेना रफ़ाल को शामिल किया जाना और भी अहम हो जाता है। आईये देखते क्या है इन विमानो की खुबियां…

  • राफेल लड़ाकू विमान का कॉम्बैट रेडियस 3700 किलोमीटर है, साथ ही ये दो इंजन वाला विमान है जिसको भारतीय वायुसेना को जरूरत थी।
  • इस विमान में तीन तरह की मिसाइल लगाई जा सकती हैं। हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल, हवा से जमीन में मार करने वाल स्कैल्प मिसाइल और हैमर मिसाइल।
  • एक बार फ्यूल भरने पर यह लगातार 10 घंटे की उड़ान भर सकता है साथ ही ये हवा में ही फ्यूल को भर सकता है।
  • राफेल पर लगी गन एक मिनट में 2500 फायर करने में सक्षम है।
  • राफेल लड़ाकू विमान करीब 24,500 किलोग्राम तक का भार उठाकर ले जाने के लिए सक्षम हैं।
  • भारत ने लगभग चार साल पहले फ्रांस से 59,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल विमान खरीदने का सौदा किया था।

 

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