यूपी में 58189 ग्राम पंचायतों में बनेगा सचिवालय

सर्वाधिक जनसंख्या के मामले में विश्व के पांच देशों से पीछे और भारतीय के सभी राज्यों में सबसे आगे उत्तर प्रदेश की आबादी पर अब लगाम लगाने की तैयारी के क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार यानी 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर सूबे में नई जनसंख्या नीति 2021-30 जारी की। नई जनसंख्या नीति के तहत सरकार ने जन्मदर कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि बढ़ती आबादी विकास में बाधा है। हमको प्रजनन दर पर नियंत्रण लगाने की जरूरत है. उन्होंने उत्तर प्रदेश में नई जनसंख्या नीति का ऐलान कर दिया गया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जाति, धर्म, समुदाय के लोगों को बढ़ी हुई आबादी पर नियंत्रण का ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा, मैं बेहद खुश हूं कि इस नयी नीति का ऐलान हुआ विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर हुआ है.

यह भी अहम सुझाव

– जिन सरकारी कार्मिकों का परिवार सीमित रहेगा और वह मर्जी से नसबंदी कराते हैं तो उन्हें दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट, पदोन्नति, आवास योजनाओं में छूट, पीएफ में कर्मी का कंट्रीब्यूशन बढ़ाने व ऐसे अन्य लाभ दिए जाने की सिफारिशें हैं.

– जो दंपती सरकारी नौकरी में नहीं है, उन्हें सीमित परिवार रखने पर पानी, बिजली, गृह व अन्य करों में छूट मिलेगी.

– एक संतान पर मर्जी से नसबंदी कराने वाले अभिभावकों की संतान को 20 साल तक मुफ्त इलाज, शिक्षा व बीमा के साथ नौकरियों में वरीयता दिए जाने की तैयारी है.

– एक संतान वाले दंपती को सरकारी नौकरी में चार इंक्रीमेंट तक मिल सकते हैं। गरीबी रेखा के नीचे निवास करने वाले ऐसे दंपती को बेटे के लिए 80 हजार रुपये व बेटी के लिए एक लाख रुपये एकमुश्त दिए जाएंगे.

यह लाभ भी मिलेगा

  • यदि दूसरी प्रेग्नेंसी में किसी के दो या उससे अधिक बच्चे होते हैं, तो उन्हें एक ही माना जाएगा.
  • पहला, दूसरा या दोनों ही बच्चे नि:शक्त हैं तो वह तीसरी संतान पर सुविधाओं से वंचित नहीं होगा.
  • तीसरे बच्चे को गोद लेने की होगी छूट.
  • किसी बच्चे की असमय मृत्यु पर तीसरा बच्चा कानून के दायरे से होगा बाहर.
  • सरकार को कानून लागू कराने के लिए राज्य जनसंख्या कोष बनाना होगा.
  • हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में देनी होगी प्रसव की सुविधा.
  • स्कूल के पाठ्यक्रम में जनसंख्या नियंत्रण का भी अध्याय होगा.
  • महिलाव पुरुष नसबंदी के असफल होने पर अनचाहे गर्भ में छूट मिलेगी.
  • नसबंदी आपरेशन के विफल होने से हुआ तीसरा बच्चा कानून के दायरे से बाहर होगा.
  • नसबंदीआपरेशन की विफलता साबित होने पर देना होगा 50 हजार रुपये मुआवजा.

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