प्रयागराज को मिलेगी इनर रिंग रोड की सौगात, जानें क्या होगा रूट

प्रयागराज: जिले में आयोजित होने वाले महाकुंभ 2025 से पहले शहर को एक और सौगात मिल जाएगी. यह है इनर रिंग रोड, इनर रिंग रोड का खाका तैयार हो चुका है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने इसके सर्वे का भी काम पूरा कर लिया है. इसके बनने से शहर में आने वाले बड़े वाहनों से निजात मिल जाएगी. वहीं कानपुर या वाराणसी रोड से रीवा की तरफ जाने वालों वाहनों को शहर में आने की जरूरत नहीं होगी और वह बाहर-बाहर ही निकल जाएंगे.

इनर रिंग रोड की खासियतः

  • 65.66 किलोमीटर की बनेगी इनर रिंग रोड.
  • 7030 करोड़ रुपये आएगी लागत.
  • 03 पुल बनाए जाएंगे गंगा और यमुना पर.
  • 06 ओवरब्रिज बनाने पड़ेंगे रेल लाइन के ऊपर.

दो चरणों में होगा तैयारः

कमिश्नरी स्थित गांधी सभागार में कमिश्नर संजय गोयल ने इनर रिंग रोड की तैयारियों को लेकर बैठक की. कहा कि रिंग रोड के प्रथम फेज का काम महाकुंभ-2025 तक पूरा कर लें. बैठक में एनएचएआइ के परियोजना निदेशक एके राय ने बताया कि रिंग रोड के निर्माण का कार्य दो फेज में कराया जाएगा.

पहला फेज: रीवा रोड से सहसों तकः

पहला फेज रीवा रोड से शुरू होकर सहसों तक 29.46 किलोमीटर का होगा. यह सहसों में प्रयागराज-वाराणसी रोड पर मिलेगा. इस रूट पर गंगा नदी में एक ब्रिज बनाया जाएगा. इस ब्रिज के बनने से नैनी और झूंसी के लिए रास्ता सुगम हो जाएगा. इनर रिंग रोड के लिए किसानों की जमीन ली जाएगी. इसके लिए एसएसएओ के पास एनएचएआइ ने रिपोर्ट भेजी है. जल्द ही एसएलएओ की टीम किसानों को मुआवजा दिलवाकर एनएचएआइ को जमीन सौंप दी देगी.

दूसरा फेज : रीवा रोड से कौड़ीहार तकः

दूसरे फेज में रीवा रोड से यमुना और फिर गंगा पर ब्रिज बनाकर पार करते हुए कौडि़हार के गांव कसारी तक इनर रिंग रोड बनाया जाएगा. कसारी गांव में इनर रिंग रोड कानपुर-वाराणसी मार्ग से जुड़ जाएगा.

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