संगम नगरी में बाढ़ का खतरा, कछारी इलाकों में घुस गया पानी, देखें वीडियो

प्रयागराज: जिले में पिछले 24 घंटें में गंगा और यमुना के जलस्तर में डेढ़ मीटर से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है. जलस्तर में बढ़ोत्तरी के कारण कछारी इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे सैकड़ों घर प्रभावित हो चुके हैं. अगर इसी तरह से जलस्तर की रफ्तार बढ़ती रही तो शुक्रवार रात तक खतरे का निशान पार कर जाने की आशंका है. अभी गंगा और यमुना खतरे के निशान से महज दो मीटर ही नीचे हैं. जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए हेल्पलाइन नंबर 0532-2641577, 2641578 भी जारी कर दिया है.

चंबल नदी से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा और यमुना नदी के जल स्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। बाढ़ का पानी बस्तियों में घुसने गया है. बदरा सोनौटी में तो नाव चलाई जा रही है. जल पुलिस, पीएसी के अलावा एसडीआरएफ की टीम ने भी कमान संभाल ली है तथा गोताखोर उतार दिए गए हैं. 15 निजी गोताखोरों की भी ड्यूटी लगाई गई है.

बता दें कि चंबल गैराज से छोड़े गए 17 लाख 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से ही प्रयागराज में बाढ़ की आशंका बढ़ गई थी. गंगा का जलस्तर बढ़ने से दशाश्वमेध घाट, म्यौराबाद, नेवादा, जोंधवल, शंकरघाट, अशोक नगर कछार, बघाड़ा, सलोरी, राजापुर, ऊचवागढ़ी, शिवकुटी, कैलाशपुरी कालोनी, चिल्ला, नीवां, छतनाग, बदरा सोनौटी, हेतापट्‌टी, फाफामऊ, जैसे एक दर्जन से ज्यादा इलाकों के कछारी क्षेत्र में पानी घुसने लगा है. इसी प्रकार यमुना का जलस्तर बढ़ने से ससुर खदेरी नदी में भी उफान आ गया है. जिससे करेलाबाग, करेली, सदियापुर, मीरापुर आदि मोहल्लों में पानी घुसने लगा है. यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी की वजह घूरपुर के भीटा का सुजावन देव मंदिर के चाैतरफा पानी भर गया है.

जलस्तर बढ़ने से दोनों नदियों के किनारे होने वाले दाह संस्कार का कार्य भी प्रभावित हो गया है. दारागंज, छतनाग एवं फाफामऊ में शवों का दाह संस्कार करने में दिक्कत आ रही है, तो दूसरी तरफ यमुना में अरैल, भीटा, सेमरी आदि घाटों पर भी शवदाह नहीं हो पा रहा है. यहां रखी लकड़ियों की टाल सड़क पर लग गई है. सड़कों पर ही अंतिम संस्कार भी कराया जा रहा है. दारागंज घाट पर तो दाह संस्कार का कार्य ही प्रशासन ने रोक दिया है.

गंगा-यमुना का जलस्तरः

  • खतरे का निशान: 84.73 मीटर
  • चेतावनी बिंदु : 83.73 मीटर.
  • गंगा- फाफामऊ: 82.35 मीटर.
  • छतनाग: 81.45 मीटर.
  • यमुना नैनी: 82.04 मीटर.

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